Wednesday, June 26, 2013

हम अनीश्वरवादी है, झूठे नहीं हैं।


-विकास मोघा 

हम अनीश्वरवादी है, झूठे नहीं हैं। उत्तराखंड जैसी घटनाओं पर सत्य या वास्तविकता या तथ्यों पर आधारित सूचना महत्वपूर्ण होती हैं क्योकि वह मानव हित में होती हैं। एक न्यूज़ चैनल(माफ़ कीजिए मैं नाम भूल गया ) ने केदारनाथ मंदिर के पुरोहित मिस्टर लिंग से मिलवाया जिसने बताया कि केदारनाथ मंदिर के अन्दर 05 फीट ऊँचा पानी केवल 05 मिनट तक रहा, वह भी सुबह 05 बजे, रात को कुछ बड़ी बात नहीं थी । और दुसरे चैनल ने आई बी एन-7 ने उन लोगो से मिलवाया जिन्होंने 15 घंटे तक मंदिर के छत्र से लटक कर जान बचाए। तीसरे चैनल आज तक ने एक दुकानदार बताया कि रात को लगभग 08 बजे पानी आया और वह भागो भागो की आवाज़ देकर पहाड़ पर चढ़ गए और लगभग चार से पाँच हज़ार लोग तबाह हो गए । चौथा चैनल एन डी टी वी इंडिया जो आज कल सरकारी समाचार एजेंसी डी डी न्यूज़ से बड़ा सरकारी है क्योकि एक राष्ट्रीय आपदा से सम्बंधित उच्च अधिकारी की कुछ दिन के लिए नियुक्ति इस एन डी टी वी इंडिया के साथ कर दी गयी हैं। खैर इस चैनल पर रेड क्रॉस के एक सज्जन ने बताया कि उन्होंने लगभग 1600 मृत शरीर के लिए बैग दिए है। साथ साथ उन्हें होश आया कि वह कुछ गड़बड़ कर गए है तो उन्होंने कहा मृत शरीर के लिए बैग जरुरी नहीं पुरे 1600 का प्रयोग हो गया हों। उत्तराखंड सरकार मृतकों की संख्या 1000 के करीब बता रही हैं और मृत शरीर बह कर उत्तर प्रदेश तक पहुँच चुकें हैं। निसंदेह मुझे एक हॉलीवुड फिल्म की याद आ रही हैं - जिसमें दिखाया गया था कि ईश्वर का अस्तित्व जीवित रखने के लिए कैसे अंधविश्वास फैलाया जाता है और कथित सरकारे भी इसमें पूरी तरह शामिल होती हैं क्योकि कुछ अपराध अंधविश्वास के बल पर नियंत्रित होते हैं । कुलमिलाकर दुनिया में सत्ता भले ही लोकतान्त्रिक या धर्मनिरपेक्ष हो गयी हैं लेकिन तरीके अभी भी वही पुराने राजतन्त्र वाले है।

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