फ़िल्मी अंदाज़ में कभी बन्दूक की नोक पर तो कभी चाकू की नोक पर किसी महिला के साथ बलात्कार जैसी घृणित घटना को अंजाम दे देते है और सरकार द्वारा बनाये गए कानून से बेख़ौफ़ ये दरिंदे अपनी घिनौनी घटनाओ को अंजाम देते हुए ज़रा भी नहीं हिचकते|
- इमरान ज़हीर
- इमरान ज़हीर
समाज में गुंडागर्दी, चोरी, डकैती, बलात्कार और हत्या की बेशुमार घटनाओ का वर्णन किया जाये तो न जाने कितने पृष्ठ भर जायेंगे लेकिन घटनाओ का ज़िक्र समाप्त नहीं हो सकता| आज हम उन बेबस महिलाओ की बात कर रहे है जो कही न कही से फिल्मो/धारावाहिको द्वारा मनोरंजन के नाम पर परोसे जा रहे अश्लील वातावरण से दरिंदों द्वारा शोषण का शिकार हो रही है| समाज में क्यों इस तरह की घटनाये होती है ये हर कोई भली भाती जानता है| लेकिन ये घटनाये थमने का नाम नहीं ले रही है, मानो ऐसे अपराधी इसे अपनी ड्यूटी समझ कर इसे बखूबी बेख़ौफ़ अंजाम दे रहे हो| हमारा प्रशासन भी इस पर पूरी तरह से लगाम कसने में असफल साबित होता रहा है| न कोई ठोस उपाए न कोई ठोस कार्यवाही बस सभी अपनी ड्यूटी बजाते हुए अपने कामो की इतिश्री कर लेते है|
हम बात कर रहे है मुरादाबाद में घटित उन घटनाओ की जो दिल दहला देने वाली सभी हदे पार कर देती है | फ़िल्मी अंदाज़ में कभी बन्दूक की नोक पर तो कभी चाकू की नोक पर किसी महिला के साथ बलात्कार जैसी घृणित घटना को अंजाम दे देते है और सरकार द्वारा बनाये गए कानून से बेख़ौफ़ ये दरिंदे अपनी घिनौनी घटनाओ को अंजाम देते हुए ज़रा भी नहीं हिचकते| इन दरिंदों द्वारा किये गए इस घिनौनी हरकत के लिए कौन ज़िम्मेदार है ये एक बड़ा सवाल है? लेकिन इस सवाल की तह में जा कर पता करे तो पूरी तरह से हम समाज में चल रही फिल्मो और धारावाहिको में परोसे जा रहे आपत्तिजनक दृश्य से हो रहे मनोरंजन को दोषी ठहरा सकते है| डकैती, चोरी, हत्या, फिरौती, लूट, अपहरण एवं बलात्कार जैसी घटनाओ को नए नए तरीको से दिखाया जाना हमारे समाज में अपना गहरा असर दिखा रही है| ऐसी फिल्मो को देख कर अपराधी भी नए नए तरीको से हत्या, डकैत, चोरी, बलात्कार, अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे है|
अभी हाल में मुरादाबाद के थाना भोजपुर छेत्र में हवस के दरिंदों ने घर में अकेली एक विवाहिता के साथ गैंग रेप को अंजाम दे डाला और फरार हो गए| ऐसी ही एक दूसरी घटना जो थाना कटघर छेत्र की थी जहाँ पर दरिंदों ने तमंचो के बल पर पहले तो विवाहिता को घर से जबरन उठा लिया फिर उसके बाद उसे रफातपुर रोड पर बगिया में ले जा कर उसके साथ बारी बारी से बलात्कार कर फरार हो गए| इस तरह से घट रही शर्मनाक घटनाओ से महिलाये खुद को असुरक्षित महसूस करने लगी है| अब सवाल ये उठता है की क्या फिल्मो द्वारा समाज में मनोरंजन के नाम पर परोसे जा रहे अश्लील दृश्यों पर पाबन्दी लगनी चाहिए या यूँही रोज अखबारों में उन बेबस महिलाओ की खबर परोसी जाती रहे जो कहीं न कहीं से मनोरंजन के नाम पर परोसे जा रहे अश्लील वातावरण से दरिंदों द्वारा शोषण का शिकार हो रही है|
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