मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) : अधिकारी भगवान् से नहीं माया से डरते है! जी हाँ, ये बात सोलह आने सच है की यहाँ के प्रशासनिक अधिकारी भगवान् से नहीं जबकि मुख्यमंत्री मायावती से डरते है|
आइये प्रकाश डालते ही मुख्यमंत्री मायावती के २ फरवरी के मुरादाबाद दौरे के मद्देनज़र अधिकारियों के बीच उस खौफ का जो साबित करता है की भगवान से बड़ा खौफ माया का है|
मुख्यमंत्री मायावती के २ फरवरी के दौरे के मद्देनज़र जिला अस्पताल का निरिक्षण कर रहे मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने सभी रोगियों को नाश्ता और दो वक़्त का खाना देने का निर्देश दिया| बता दे की अभी तक जिला अस्पताल में ऐसी वयवस्था के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की जा रही थी| इस निर्देश के बाद सभी रोगियों के मुख पर एक ही शब्द थे...काश ऐसा रोज़ हो पाता और रोज़ मायावती का दौरा होता..| ऐसे निर्देश पर सवालिया निशान खड़ा होता है की मुख्यमंत्री के दौरे के समय ही सुचारू वयवस्था बनाने में जुटे प्रशासन ने इसकी सुध पहले क्यों नहीं ली? सरकारी कार्यालय में जहा एक तरफ कर्मचारी गैर हाजरी और देर से आने में रिकॉर्ड तोड़ चुके हो वो अवकाश के दिन भी यहाँ की वयवस्था को सुचारू बनाने की जी तोड़ कोशिश करते नज़र आये| जगह-जगह टूटी सडको की मरम्मत में तेज़ी के साथ काम भी किया जा रहा| शहर के करुला छेत्र में दिन के समय ही सड़क की मरम्मत का कार्य किये जाने की वजह से लोगो को जाम का सामना करना पड़ा| लेकिन काम की तेज़ी और मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनज़र उसी जाम में काम को पूरा किया जाता रहा| वही सड़क के डीवाइडर को जैसे तैसे रंगने और सवारने का काम भी किया जा रहा है | हालाँकि इस तरह की रंगाई का कोई वजूद नहीं है कुछ दिनों में ये उसी हालत में होंगी जैसी हमेशा हुआ करती है| जगह जगह सफाई पर भी विशेष ध्यान देने के साथ साथ मंडल को चमकाने में लगे अधिकारी हर उस जगह का मुयायना करने में लगे है जहा व्यवस्थाओं की कमी है| जिस तरह अधिकारियो के माथे से पसीना छूट रहा है और जिस तरह मंडल में सुचारू वयवस्था बनाने में अधिकारी जुटे है इसे देख कर यही कहा जा सकता है की भगवान् से नहीं माया से डरता है प्रशासन|
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