अभी ताज़ा मामला बिजली विभाग का सामने आया है जहाँ पर एक गरीब परिवार से बिजली का नया कनेक्शन लगाने के बदले सुविधा शुल्क के नाम पर अच्छे खासे पैसे मांगे गये| सबसे हैरत वाली बात ये है की उस छेत्र के जे. ई. साहब ने खुले रूप में उस उपभोगता से दो कनेक्शन के नाम पर फाइल पर हस्ताक्षर करने के बदले 1000 रूपये वसूल लिये|
जानकारी के अनुसार मुरादाबाद के पंडित नगला निवासी रोहताश पुत्र हरदेव सिंह ने बिजली के दो नए कनेक्शन एक अपने नाम और एक अपने पिता जी के नाम से लगवाने के लिये आवेदन किया था जिसकी फाइल पर जे. ई. महोदय के हस्ताक्षर होने थे जिसके बाद रसीद कटनी थी| लेकिन विभाग के कई चक्कर लगाने के बाद जब उपभोगता ने जे. ई. से संपर्क किया तो उन्होंने प्रतिएक फाइल के बदले ५०० रूपये की मांग रख दी| गरीबी की दुहाई देने के बाद भी जे.ई. साहब का दिल नहीं पसीजा और यहाँ तक कह डाला की जब तक पैसे नहीं दोगो तब तक हस्ताक्षर नहीं नहीं करूँगा| थोडा सीधे किस्म के इस उपभोगता ने थक हार कर आखिर १००० रूपये इन साहब को दे डाले तब जा कर हस्ताक्षर हो पाया| लेकिन इस उपभोगता की मुश्किलें यही ख़तम नहीं हुई|
आज 11 अप्रैल को रसीद कटवाने मुरादाबाद के सीतापुरी बिजली घर में जब ये उपभोगता पंहुचा तो इससे दो कनेक्शन के नाम पर 6600 रूपये मांगे जाने लगे जबकि सरकारी खाते में कुल जमा की जाने वाली दो कनेक्शन की धनराशी 5500 रूपये बनती है| इस सन्दर्भ में जब उपभोगता ने इसकी शिकायत सीतापुरी बिजली घर में बैठे एस.डी.ओ से की तो उनका जवाब भी संतुष्टि वाला नहीं दिखा और उसे यह कर कर टाल दिया की "जा कर बाबू से बात करो" मतलब जिस बाबू की शिकायत लेकर पंहुचा उसी से मिलने के लिये बोल दिया गया| एस.डी.ओ. द्वारा कारवाही करने के बजाये उस पर पर्दा डालना एक सवालिया निशान खड़ा करता है की कही ये भी इस खेल में शामिल ना हो|
जब इस मामले की सूचना मिली तो विभाग के आला अधिकारी से संपर्क साधा गया और इस सन्दर्भ में बात की गई जिसके बाद वही सीतापुरी सब स्टेशन पर बैठे एस डी.ओ. थोडा बदले अंदाज़ में दिखे और 5500 रूपये ही जमा करने को कहा| हालाँकि बड़े अधिकारियों से की गई शिकायत पर एस डी.ओ थोडा भड़क ज़रूर गये थे उन्होंने उपभोगता से यहाँ तक कह डाला की अगर प्रधानमंत्री का नंबर मिल जाये तो क्या उन्हें भी फ़ोन करवा दोगे| एस डी.ओ साहब की इस बात से साफ़ पता चल रहा है की उन्हें पहले से ही इस सुविधा शुल्क की लेने की जानकारी थी क्यूकी फ़ौरन की गई शिकायत के बाद भी उस कथित बाबू और जे.ई से कोई पूछताछ नहीं की गई| बहरहाल एक गरीब के पैसे तो बच गये लेकिन आये दिन ना जाने कितने उपभोगता ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के चंगुल में पड़ कर अपने पैसे बेवजह गवां रहे होंगे और अधिकारी मज़े ले रहे होंगे|
No comments:
Post a Comment